Login to make your Collection, Create Playlists and Favourite Songs

Login / Register
Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar
Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar

Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar

00:02:16
Report
मैं तो अरे! करके रह गया। नवीन सागरअरे!सब कुछ समझ से परेकोई क्या करे!क्या करे वह जो सुन रहा है अंतर्तम की आवाज़सीधे सरल जीवन की चाहआह!ओछेपन पर सर्वत्र वाह! वाह।हत्यारों पर आसमान से फूल झर रहे हैंजो मर रहे हैं उनके पासकोई नहीं हैमाँ स्तंभित है कब से रोई नहीं हैघरों में दुःख अट रहा हैअटूट बाज़ारों में सुख बिक रहा हैईश्वर से बड़ा यह कौन दिख रहा है जोहमारी दैनंदिनी लिख रहा हैजो फिंकना था वह सहेजा गया हैजो रखना था वो फिंक रहा हैअरे!मैं तो अरे करके रह गया!

Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar

View more comments
View All Notifications